javed shah khajrana
सोमवार, 13 जनवरी 2014
खजराना का गेट
सरफरोशी की तमन्ना,
अब हमारे दिल में हैं
देखना है ज़ोर कितना
बाज़ू__ऐ___क़ातिल में है
javed shah khajrana
जावेद शाह खजराना
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें